12
MAR
2016

ग्राम-ख़ैराटी में महिलाओ के उत्थान के लिए एक कार्यक्रम

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आज महिला दिवश को लेकर ग्राम-ख़ैराटी में महिलाओ के उत्थान के लिए एक कार्यक्रम नवज्योति महिला संघर्ष मण्डल शाखा-नौतनवा के तत्त्वाधान में और पूर्वांचल सेवा समिति की देख रेख में संम्पन्न हुआ,जिसकी मुख्य अतिथि श्रीमती नायलाखांन् (अध्यछ न0पा0प0 नौतनवा) रही और विशिष्ट अतिथि के रूप में फादर मैथ्यू व श्रीमती साधना पाण्डेय(C.D.P.O) रही। सर्वप्रथम कार्यक्रम का आगाज मुख्य अतिथि के हाथो दीपप्रज्वलन से हुआ उसके उपरान्त मुख्य अतिथि का स्वागत माल्यार्पण कर किया गया। हथियागढ़ की महिलाओ ने एक लघु नाटक प्रस्तुत कर समाज की महिलाओ को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ ही साथ अन्य कई सांस्कृतिक कार्यक्रम कर महिलाओ को जागरूक किया गया और शपथ दिलाया गया की अपने अधिकारो के प्रति सम्वेदंनशील व सजग रहे।श्रीमती खान का सम्बोधन महिलाओ के खान-पान,शिक्षा, स्वास्थ और शौचालय पर केन्द्रित रहा उन्होंने अपने प्रेरणादायक सम्बोधन में इन्ही बातो को प्रमुखता दी उन्होंने कहा की”आज की महिला समाज में दबाई व छली जाए ये अब हरगिज नहीं होगा क्यों की आज महिलाये हर छेत्र में आगे आ रही है जरूरत है सिर्फ उनके मनोबल को बढ़ाने की क्यों की महिलाओ के ऊपर कई तरह के पारिवारिक, सामाजिक बंधन होते है उस बंधन से पार पाना हर कसी एक के बस की बात नहीं हमको मिलकर उस बंधन से मुक्ति पाना है।और आज समाचार पत्र,टेलीविजन आदि अन्य कई माध्यमो से आपको पता चल रहा है की महिलाओ के साथ जो भी घटना घट रही है ओ अधिकतर रात में व घर से बाहर रहने पर होती है अगर सभी के घरो में शौचालय होगी तो घटनाये कम होगी।और महिलाओ को अपने खान पान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए क्यों की महिलाओ को पुरुषो की अपेछा ज्यादा प्रोटीन युक्त भोजन की जरूरत होती है बिना उसके उनका शारीरिक, मानसिक विकाश रुक जाएगा। और जहा तक शिक्षा की बात है तो शिक्षा के बलबूते ही आज की नारी समाज में अपना उचित स्थान बनाने में कामयाब होगी अगर शिक्षा नहीं होगी तो महिलाये समाज में पीछे हो जाएंगी और सामाजिक कानूनों रीति रिवाजो से अनभिज्ञ रह जाएंगी और इसी अशिक्षा का लाभ उठाकर लोभी और ठग लोग महिलाओ के साथ धोखा करते रहेंगे और महिलाये समाज में ठगी जाती रहेंगी इसलिए मेरी बहनो उठो,जागो और अपने आपको समाज में क्रियाशील बनाओ और अपनी सोई हुई ऊर्जा का सही इस्तेमाल करो इसके लिए मेरी दो लाइने आपको समर्पित है-
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कोमल है कमजोर नहीं शक्ति का नाम ही नारी है,
जग को जीवन देने वाली मौत भी तुझसे हारी है।।

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